क्या सच में राजस्थान राज्य बंट जायेगा दो हिस्सों में – Rajasthan Maru Pradesh New State

Rajasthan Maru Pradesh New State :- राजस्थान से एक अलग रेगिस्तानी राज्य बनाने का विचार काफी समय से चर्चा और मांग का विषय रहा है जिसे मरू प्रदेश के नाम से जाना जाता है। यह प्रस्ताव राजस्थान को दो राज्यों – राजस्थान और मरु प्रदेश में विभाजित करने की बात करता है। इस लेख में हम इस डिमांड के इतिहास, रेगिस्तानी क्षेत्र में शामिल संभावित जिलों और Rajasthan Maru Pradesh New State बनाने के प्रस्ताव की वर्तमान स्थिति बताएंगे।

Rajasthan Maru Pradesh New State News
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मरू प्रदेश की मांग का इतिहास

राजस्थान से अलग रेगिस्तानी राज्य की अवधारणा कोई नई नहीं है। दरअसल बात 1953 की है जब जोधपुर और बीकानेर राज्य के राजाओं ने पहली बार रेगिस्तानी राज्य के निर्माण की मांग उठाई थी। तब से कई लोगों और समूहों द्वारा इसपर दोबारा विचार किया गया है। 1956 में इस मांग के समर्थन में बीकानेर राजपरिवार के आह्वान पर बीकानेर में बैन भी हुआ था। इस दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री भेरू सिंह ने इस मुद्दे को संबोधित करते हुए राजस्थान को दो भागों में विभाजित करते समय अंतरराष्ट्रीय सीमाओं और विकास पर विचार करने के महत्व पर जोर दिया।

हाल के वर्षों में रेगिस्तानी राज्य की मांग ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। जयवीर गोदारा अपने साथियों के साथ इस विभाजन की वकालत करने वाली प्रमुख आवाज़ों में से एक रहे हैं। हालांकि इस मांग को उठाने के पहले भी प्रयास किए जा चुके हैं लेकिन वर्तमान में जयवीर गोदारा ही इसे वास्तविकता बनाने के प्रयासों का नेतृत्व कर रहे हैं।

राजस्थान मरू प्रदेश में संभावित जिले

यदि Rajasthan Maru Pradesh New State वास्तविकता बन जाता है तो इसमें वर्तमान राजस्थान राज्य के लगभग 20 जिले शामिल होंगे। इन जिलों में श्रीगंगानगर, अनूपगढ़, हनुमानगढ़, बीकानेर, चूरू, झुंझुनू, डीडवाना, कुचामन, नीम का थाना, नागौर, फलोदी, जैसलमेर, जोधपुर, जोधपुर ग्रामीण, बाड़मेर, बालोतरा, जालौर, सांचौर और सिरोही शामिल हैं।

मरु प्रदेश के निर्माण से क्षेत्र के विकास और अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है। वर्तमान में यह क्षेत्र राज्य में खनिज उत्पादन में 14.65% का योगदान देता है और इसमें देश के 27% तेल और गैस की आपूर्ति करने की क्षमता है। 2.85 करोड़ से अधिक लोगों की आबादी और 63% से अधिक की साक्षरता दर के साथ मरु प्रदेश में समृद्ध रेगिस्तानी राज्य बनने की क्षमता है।

Rajasthan Maru Pradesh New State Overview

टॉपिकराजस्थान (मौजूदा राज्य)मरु प्रदेश (प्रस्तावित)
जिलों की संख्या53लगभग 20
संभावित राजधानीजयपुरजयपुर, बीकानेर, या जोधपुर
अर्थव्यवस्थाविविध उद्योग, पर्यटनखनिज-समृद्ध, तेल और गैस क्षमता
जनसंख्या7 करोड़ से अधिक2.85 करोड़ से अधिक
साक्षरता दरविविध63% से अधिक
ऐतिहासिक महत्वसमृद्ध सांस्कृतिक विरासतसंभावित अद्वितीय रेगिस्तानी राज्य

रेगिस्तानी क्षेत्र की राजधानी

चूंकि राजस्थान की वर्तमान राजधानी जयपुर है, विभाजन की स्थिति में पूर्वी भाग (राजस्थान) जयपुर को अपनी राजधानी बनाए रखेगा। इसी तरह रेगिस्तानी राज्य को अपनी राजधानी की आवश्यकता होगी जो संभवतः जयपुर, बीकानेर या जोधपुर हो सकती है। जैसे चंडीगढ़ पंजाब और हरियाणा दोनों के लिए राजधानी के रूप में कार्य करता है, इस विभाजन में Rajasthan Maru Pradesh New State के लिए एक अलग राजधानी शेयर करना या सेलेक्ट करना शामिल होगा।

Rajasthan Maru Pradesh New State की ऐतिहासिक मिसालें

राजस्थान को विभाजित करने का प्रस्ताव कोई अकेला प्रस्ताव नहीं है। भारत के इतिहास में कई राज्यों को बड़े राज्यों से अलग करके बनाया गया है। हरियाणा पंजाब से अलग हुआ, तेलंगाना आंध्र प्रदेश से अलग हुआ, छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश से अलग राज्य बना और गुजरात मुंबई (तब महाराष्ट्र का हिस्सा) से अलग हुआ। इस प्रकार विशिष्ट पहचान या विकासात्मक आवश्यकताओं वाले क्षेत्रों के लिए अलग राज्य का दर्जा मांगना असामान्य नहीं है।

Maru Pradesh State की वर्तमान स्थिति और भविष्य की संभावनाएं

फिलहाल मरु प्रदेश या किसी नए राज्य के निर्माण को लेकर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक आदेश या बयान नहीं आया है। यह जनता द्वारा मुख्य रूप से सोशल मीडिया चैनलों के माध्यम से उठाई जाने वाली मांग बनी हुई है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इस समय कोई भी प्रमुख राजनीतिक नेता या पार्टी सक्रिय रूप से इस प्रस्ताव की वकालत नहीं कर रही है।

Maru Pradesh State Se Jude Saval Javab

Q. मरु प्रदेश राज्य बनाने के प्रस्ताव के पीछे का इतिहास क्या है?

Ans. एक अलग रेगिस्तानी राज्य का विचार 1953 का है जब पहली बार जोधपुर और बीकानेर राज्यों के राजाओं ने मांग उठाई थी।

Q. मरु प्रदेश बनने पर कौन से जिले इसका हिस्सा हो सकते हैं?

Ans. मरु प्रदेश में श्री गंगानगर, जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर और अन्य सहित लगभग 20 जिले शामिल हो सकते हैं।

Q. इस विभाजन से मरु प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

Ans. मरु प्रदेश में महत्वपूर्ण खनिज संसाधन और तेल और गैस क्षमता है, जो इसकी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दे सकती है।

Q. यदि मरु प्रदेश अलग राज्य बन गया तो इसकी राजधानी क्या होगी?

Ans. संभावित राजधानियाँ जयपुर, बीकानेर या जोधपुर हो सकती हैं।

Q. क्या सरकार आधिकारिक तौर पर मरु प्रदेश के निर्माण पर विचार कर रही है?

Ans. फिलहाल इस प्रस्ताव को लेकर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक आदेश या बयान नहीं आया है और न ही कोई बड़ा राजनीतिक नेता या पार्टी सक्रिय रूप से इसकी वकालत कर रही है।

निष्कर्ष

राजस्थान को विभाजित करके मरु प्रदेश रेगिस्तानी राज्य बनाने का विचार एक ऐसा प्रस्ताव है जिसकी जड़ें ऐतिहासिक और आर्थिक फायदे हैं। हालाँकि यह वर्तमान में जनता द्वारा उठाई गई मांग है और राजनीतिक नेताओं या पार्टियों द्वारा सक्रिय रूप से समर्थित नहीं है। इसका भविष्य अनिश्चित बना हुआ है और यह संभव है कि आने वाले वर्षों में इसका विकास हो सकता है।

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